कोरबा। थाना बालको नगर क्षेत्र मे वर्ष 2009 मे बालकों प्लांट मे निर्माणाधीन चिमनी के ध्वस्त हो जाने से 40 मजदूरों की जान चली गई थी और अनेको घायल हुये थे जिसमे मामला न्यायालय मे विचाराधीन है
काफी लम्बे से NSGL कम्पनी के द्वारा गवाहो को प्रभावित कर रखा था जिस वजह से गवाह पेशी मे उपस्थित नही आ रहे थे इस पर कोर्ट द्वारा काफी आपत्ति व्यक्त किया गया, वही दूसरी ओर प्रकरण के अन्य आरोपी सेपको चीनी कंपनी के चीनी नागरिकों के द्वारा हाई कोर्ट बिलासपुर मे जल्द सुनवाई हेतु याचिका भी दायर किया गया था जिस पर हाई कोर्ट द्वारा समय सीमा मे सुनवाई करने का आदेश दिया गया।
इन सब के बिच पुलिस लगातार गवाहो को खोजने मे लगी हुई थी।
आज दिनांक को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी की प्रकरण का महत्वपूर्ण गवाह परिथ्विनाथ सिंह जो मूल रूप से सारण छपरा बिहार का रहने वाला है और जिसको पुलिस कोर्ट मे पेश कर गवाही कराना चाह रही थी। उसे चिमनी कांड के आरोपी पक्ष के द्वारा प्रभावित कर अपने साथ कोरबा लेकर आ गई है और छिपा कर रखे है जिस पर कोरबा पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी द्वारा पकड़ कर न्यायालय पेश करने के आदेश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के मार्गदर्शन तथा सीएसपी कोरबा के नेतृत्व मे थाना प्रभारी बालकों युवराज तिवारी की टीम द्वारा गवाह की खोजबीन शुरु की गई तथा हर संभावित स्थान मे सुबह से छापा मरा गया और होटलो की चेकिंग की गई । जिस पर होटल ग्रेंड गोविंदा के कमरा नंबर 202 मे गवाह पृथीवनाथ सिंह अपने पुत्र तथा Nsgl कंपनी के पूर्व कर्मचारी और प्रकरण मे आरोपी सगामसेट्टी व्येंकतेश के साथ एक ही कमरा मे मिला और कमरे की बुकिंग भी Nsgl कम्पनी द्वारा करवाई गई थी इस बात की जानकारी होटल के रजिस्टर से हुई।
तब पुलिस द्वारा व्येंकतेश से पूछ्ताछ किया गया और उसकी गवाह के साथ उपस्थिति का कारण पूछा गया तो आरोपी व्येंकतेश घबरा गया ।आरोपी के मोबाइल चेक करने पर गवाह पृथ्वीनाथ से पूर्व से परिचित होना तथा प्रकरण मे गवाह द्वारा दिये गये कथन की फोटो व्हाट्सअप के माध्यम से उसके पुत्र के मोबइल मे भेजना पाया गया। उक्त समस्त का पुलिस द्वारा पंचनामा बनाया गया था फोटो ग्राफ़्स लेकर माननीय न्यायालय को अवगत कराया गया लोक अभियोजक के माध्यम से गवाह को प्रभावित कर अपने पक्षए गवाही कराने के षडयंत्र का भंडा फोड़ करते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई जहाँ बचाव पक्ष. और अभियोजन पक्ष के जोरदार बहस के बाद माननीय न्यायालय द्वारा साक्षी गवाही हेतु अभियोजन को समय प्रदान किया गया।
इस प्रकार बालको मे हुए चिमनी कांड के प्रकरण मे निष्पक्ष सुनवाई हेतु पुलिस के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

