10 किलोमीटर तक के इलाके में अलर्ट जारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में एक बड़ी घटना सामने आई है जिसने चिकन के शौकीनों की नींद उड़ा दी है, वहीं पशु चिकित्सा महकमे में भी हड़कंप मची हुई है। पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जी.एस. तंवर ने मंगलवार को बताया कि 19 से 24 मार्च 2026 के मध्य कोनी क्षेत्र में स्थित सरकारी पोल्ट्री फ़ार्म में वायरल संक्रमण के कारण लगभग 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई। पोल्ट्री फ़ार्म में कुल 5,037 मुर्गियां थीं।
रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) संक्रमण की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर रोकथाम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जी.एस. तंवर ने बताया कि मृत पक्षियों के सैंपल सोमवार को भोपाल और पुणे की लैब में भेजे गए थे। भोपाल की लैब ने मृत मुर्गियों में एवियन इन्फ्लूएंज़ा की पुष्टि कर दी है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पुष्टि होने के बाद ज़िला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ‘एवियन इन्फ्लूएंज़ा की रोकथाम और नियंत्रण के लिए संशोधित कार्य योजना (2021)’ के तहत रोकथाम और बचाव के लिए तत्काल निर्देश जारी किए हैं।
‘संक्रमित क्षेत्र’ में पोल्ट्री पक्षी और अंडे नष्ट किए जाएंगे
बयान में कहा गया है कि फ़ार्म के एक किलोमीटर के दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ और 10 किलोमीटर के दायरे को ‘निगरानी क्षेत्र’ घोषित किया गया है। प्रोटोकॉल के अनुसार, ‘संक्रमित क्षेत्र’ के भीतर पोल्ट्री पक्षियों, उनके चारे और अंडों को नष्ट कर दिया जाएगा और उनके आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इसके लिए, पशुपालन विभाग द्वारा पोल्ट्री पक्षियों के मालिकों को मुआवज़ा दिया जाएगा।
मुर्गियों को मारने (culling) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, फ़ार्म को सील कर दिया जाएगा। बयान में कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र में संक्रमित पक्षियों को मारने, उनका सुरक्षित निपटान करने, निगरानी रखने और सैनिटाइज़ेशन के उपाय करने के लिए ‘रैपिड रिस्पॉन्स टीमें’ गठित की गई हैं।
इन क्षेत्रों में चेतावनी वाले साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, और पोल्ट्री के आवागमन तथा बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। बयान में कहा गया है कि मुर्गियों को मारने और उनके निपटान का काम सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा, जिसमें राजस्व, पुलिस, शहरी प्रशासन और पंचायत विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
-: कर्मचारियों के स्वास्थ्य की निगरानी :-
पोल्ट्री फ़ार्म के कर्मचारियों के स्वास्थ्य की निगरानी भी की जा रही है। इसमें कहा गया है कि जिस भी व्यक्ति में लक्षण दिखाई देंगे, उसकी जाँच की जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर उसे एंटीवायरल दवा दी जाएगी।
अधिकारियों ने पूरे ज़िले में पोल्ट्री बिक्री केंद्रों की लगातार निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं। ज़िलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहते हुए अधिकारियों के साथ सहयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि अब तक इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। बर्ड फ़्लू या एवियन फ़्लू एक तरह का वायरल संक्रमण है जो पक्षियों और कुछ स्तनधारियों में फैलता है।

