Close Menu
KorbanChanlKorbanChanl
  • होम
  • देश – विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • कोरबा
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

पाली जनपद सीईओ को भारमुक्त करने की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

18.06.2026

एमजेएम हॉस्पिटल, कोरबा की बड़ी सफलता : 2.5 किलो तक का विशाल ट्यूमर सुरक्षित ऑपरेशन से निकाला

26.04.2026

भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने रोका महिलाओं का हक, उजागर हुई संकीर्ण मानसिकता

26.04.2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, June 28
KorbanChanlKorbanChanl
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • होम
  • देश – विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • कोरबा
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
KorbanChanlKorbanChanl
Home»लाइफस्टाइल»Shagun Rules : धार्मिक मान्यता 101 या 501 ही क्यों? शुभ कार्यों में 1 रुपये का सिक्का जोड़ने की प्राचीन वजह
लाइफस्टाइल

Shagun Rules : धार्मिक मान्यता 101 या 501 ही क्यों? शुभ कार्यों में 1 रुपये का सिक्का जोड़ने की प्राचीन वजह

Korbanchal NewsBy Korbanchal News10.03.2026Updated:24.03.2026No Comments2 Mins Read
Share Facebook WhatsApp Twitter Telegram
Follow Us
Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
Shagun Rules
Shagun Rules
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Shagun Rules , नई दिल्ली — भारत में शादियों और शुभ अवसरों का सीजन शुरू होते ही शगुन के लिफाफों का दौर भी शुरू हो जाता है। अक्सर हम 100, 500 या 1000 रुपये के साथ 1 रुपये का सिक्का जरूर जोड़ते हैं। कई लोग इसे केवल पुरानी परंपरा मानते हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति और अंक ज्योतिष में इस एक सिक्के का महत्व बेहद गहरा है। यह केवल मुद्रा नहीं, बल्कि रिश्तों की लंबी उम्र और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
BREAKING : तेहरान में कयामत जैसे हालात’ दिन में छाया अंधेरा, आसमान से बरसी तेल जैसी बूंदें

शून्य पर अंत न होने का गणित

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शून्य (Zero) को अंत का प्रतीक माना जाता है। जब हम किसी को 100 या 500 रुपये देते हैं, तो वह संख्या शून्य पर समाप्त होती है। इसमें 1 रुपया जोड़ने पर यह 101 या 501 बन जाता है। संख्या 1 को हिंदू धर्म में निरंतरता का प्रतीक माना गया है। यह दर्शाता है कि आपका आशीर्वाद और रिश्ता कभी समाप्त नहीं होगा, बल्कि बढ़ता रहेगा। गणितीय दृष्टिकोण से भी, 101 और 501 जैसी संख्याएं ‘अविभाज्य’ (Indivisible) होती हैं, जो टूटने न वाले बंधन को दर्शाती हैं।

निवेश और समृद्धि का संकेत

प्राचीन काल से चली आ रही एक अन्य धारणा के अनुसार, शगुन का मुख्य हिस्सा (जैसे 500 रुपये) खर्च के लिए होता है, जबकि वह 1 रुपया भविष्य के निवेश का प्रतीक है। पुराने समय में बड़े-बुजुर्ग कहते थे कि शगुन का पैसा काम आ जाएगा, लेकिन वह एक रुपया बरकत के लिए संभाल कर रखना चाहिए।

“शगुन में एक रुपये का सिक्का जोड़ना वास्तव में प्राप्तकर्ता के लिए समृद्धि की कामना है। संख्या ‘एक’ महालक्ष्मी का अंश मानी जाती है। यह इस बात का संकेत है कि देने वाले की श्रद्धा और लेने वाले का भाग्य हमेशा जुड़ा रहे।”
— आचार्य पंडित राजेश शास्त्री, धार्मिक विशेषज्ञ

आज के डिजिटल पेमेंट के युग में भी लोग लिफाफे के साथ सिक्का चिपका कर देना पसंद करते हैं। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों के बाजारों में अब खास तौर पर सिक्के लगे हुए ‘डिजाइनर लिफाफे’ बिक रहे हैं। लोग अब शगुन को केवल लेन-देन नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखते हैं। शादी के पंडालों में आज भी लिफाफा थमाते समय बड़े-बुजुर्ग यह चेक करना नहीं भूलते कि सिक्का लगा है या नहीं।

Korbanchal News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Korbanchal News

Related Posts

Mental Health in India 2026 : 35 से कम उम्र और मानसिक तनाव क्या दबाव में बिखर रही है भारत की अगली पीढ़ी

16.03.2026

14 March 2026 Horoscope: इन राशियों के जातकों के लिए खुल सकते हैं तरक्की के दरवाजे, नौकरी-व्यापार में होगा लाभ, जानिए अपना राशिफल …

14.03.2026

8th Pay Commission Latest : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर क्या 8वें वेतन आयोग में बदल जाएगा महंगाई भत्ते का आधार

13.03.2026

Comments are closed.

मुख्य खबरें

पाली जनपद सीईओ को भारमुक्त करने की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Korbanchal News18.06.2026

KORBA: CEO को भारमुक्त करने की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञाप कोरबा। जिले में पदस्थ…

एमजेएम हॉस्पिटल, कोरबा की बड़ी सफलता : 2.5 किलो तक का विशाल ट्यूमर सुरक्षित ऑपरेशन से निकाला

26.04.2026

भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने रोका महिलाओं का हक, उजागर हुई संकीर्ण मानसिकता

26.04.2026

भारत सरकार के मिशन कर्मयोगी – साधना सप्ताह में SECL को राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 10 में स्थान

26.04.2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • WhatsApp
हमारे बारे में
हमारे बारे में

Korbanchal News is a fast-growing digital news platform dedicated to delivering accurate, timely, and unbiased news from Korba, Chhattisgarh, and across India. We focus on local updates, breaking news, politics, industry, and public interest stories to keep our readers informed and aware.
We're accepting new partnerships right now.

Name: लखन गोस्वामी
Mobile: +91 9303848706
Email Us: korbanchal2026@gmail.com

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
पेज
  • Homepage
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Disclaimer
  • Term and Conditions
पोस्ट कैलेंडर
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
« Apr    
© 2026 कोरबांचल. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.